कहानी- विजय-यात्रा 5 (Story Series- Vijay-Yatra 5) | Hindi Kahaniya

“जो कुछ भी लिख सकता है, वह हम तय कर सकते हैं।” संवाद करने के लिए संवाद करने वाला, रोहन के आवाज में ऐसा ही होगा। “यही तो दक़क़त है। आपकी समस्या, सूक्ष्म-बड़ी समस्या! जब तक पूरी तरह से विभाजित नहीं होगा, तब तक हम कुछ भी नहीं जानते हैं कहानी- विजय- यात्रा 5 (कहानी श्रृंखला- विजय-यात्रा 5) »

पोस्ट कहानी- विजय- यात्रा 5 (कहानी श्रृंखला- विजय-यात्रा 5) भारत की नंबर 1 महिला हिंदी पत्रिका पर पहली बार छपी।

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